बढ़ते वजन को कण्ट्रोल करने के कुछ पॉवरफुल फंडे || Useful Tips to Control Increasing Weight

कमर  का  बढ़ता घेरा और बाहर की ओर लटकती तोंद न सिर्फ खूबसूरती और स्मार्टनेस का कबाड़ा कर  देती है  बल्कि सेहत  का बट्टा बैठा देती  है। मोटापे की समस्या ने पूरी दुनिया के सेहत विशेषज्ञओ को चिंतित कर रखा है, इसलिए सेहत विज्ञानी आए दिन मोटापा कम करने और वजन घटाने के कारगर उपायो से जुड़े अनुसन्धान करते रहते है। जिससे कोई न कोई नई राय सामने आती रहती है। आइए जानते है वेट लॉस के कुछ कामयाब फंडे - 


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चीनी के चुम्बक से बचे 

सेहत विशेषज्ञओ ने चीनी के दैनिक सेवन के लिए पुरुषो में नो छोटे चम्मच और महिलाओ में छह छोटे चम्मच की सीमा तय की है, लेकिन हम जाने अनजाने में रोज 18 छोटे चम्मच चीनी सेवन लेते है। बॉडी पावर एवं फिजिकएलीट जैसी ग्लोबल मिडिया कंपनीयो के मुख्य कार्यकारी नीक ओरटोन का मानना है की प्रोसेस्ड फ़ूड, चीनी वाले पये और फाइड फ़ूड को कभी डेली डाइट मानने की भूल करे।
 ये चीजे ट्रीट की तरह महीने में एकाध बार इस्तेमाल होनी चाहिए। अगर हम उन चीजो को ओकेजनल ट्रीट मानने लगे तो ओवरवेट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट और डियटीशियन का मानना है की शुगर और स्टार्च इन्सुलिन का उत्सर्जन  बढाते है जो शरीर में फेट स्टोर करने वाला मुख्य हार्मोन है। चीनी के बदले खजूर, शहद, फल और गुड़ खाना ज्यादा बेहतर है। 

 ख़ुशी से ज्यादा वेट लॉस 

सेन फ्रांसिस्को स्थित यूनिवरसिटी ऑफ़ केलिफोर्निया के तजा अध्ययन में पता चला है की स्ट्रेस पेट की चर्बी को बढ़ाने का काम करता है। इसकी मूल वजह यह है की स्ट्रेस के कारण बॉडी में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है जिससे बार-बार भूख लगती है। इसे मेडिकल भाषा इमोशनल ईटिंग या स्ट्रेस ईटिंग कहते है। स्ट्रेस के दौरान हम तब भी हाई केलोरी फ़ूड का लेते है जब वास्तविक रूप से भूख ही नही लगी हो। इससे मेटाबोलिज्म की दर कम होती है और पेट की चर्बी इकट्ठी होने लगती है। इससे स्ट्रेस से दूर रहने  के लिए मस्त रहे और व्यस्त रहे । म्यूजिक, फिल्म, गेम का सहारा ले।

 प्रोटीन का पावर आजमाएं। ... 

जर्नल ऑफ़ ओबेसिटी में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक हाई प्रोटीन डाइट लेने वाले लोगो में मोटापा बढ़ाने वाली चीजे खाने की इच्छा 60 फीसदी तक कम जाती है। हाई प्रोटीन डाइट से न बार-बार खाने की इच्छा जागृत होती है और न ही देर रात स्नैक्स आदि खाने  करता है। हेल्थ एक्सपर्ट कहते है की हेल्थ कांशस लोगो को किसी भी डाइट से जुडी सबसे महत्यपूर्ण बात यह यद् रखनी चाहिए की उससे आपको कैलोरी बहुत ज्यादा न मिले। सीधा फार्मूला है ज्यादा कैलोरी यानि ज्यादा वजन । 

सर्दी- जुकाम से रहे दूर 

यूएस  के पेनिंगटन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर के अनुसन्धानकर्ता प्रोफेसर निखिल धुरन्धर की माने तो सर्दी जुकाम से या स्वसन रोग से पीड़ित रहने वाले व्यक्तियों में मोटापा बढ़ने के चान्स ज्यादा  है। कॉमन कोल्ड का कम से कम से कम एक वायरस ओबेसिटी से सीधा जुड़ा हुआ है। सम्भव हो, तो तरह-तरह के इंफेक्शन से बचने के लिए वेक्सिनेशन का सहारा भी लिया जा सकता है या फिर जीवन शैली में बदलाव कर सर्दी- जुकाम से बचने की कोशिश करनी चाहिए । 

'ग्रीन' सिगनल जरूरी 

ग्रीन टी को कमर का घेरा घटाने में विशेष सहायक माना गया है। अब युके की एंजिलिना रस्किन यूनिवर्सिटी के अनुसन्धानकर्ताओ द्वारा किये गए ताजा शोध  में भी इसकी पुष्टि हो गई है। इन शोधकर्ताओ ने पाया की जो लोग ग्रीन टी पीते है और नियमित एक्सरसाइज  है उनमे अतिरिक्त चर्बी तेजी से घटती है। जो लोग दिन में तीन बार ग्रीन टी पीते है उनमे मोटाबेटिक दर 4 फीसदी बढ़  जाती है। यानि हर रोज 60 कैलोरी अतिरिक्त बर्न होती है।

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